महानिदेशक
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| डॉ. सेंथिल कुमार संपत, भा.व.से. |
| महानिदेशक |
| जन्म तिथि | 15 मई 1975 | सेवा एवं आवंटन वर्ष | भारतीय वन सेवा, 1998 |
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| कैडर | AGMUT |
| भारतीय वन सर्वेक्षण में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि | 1 अक्टूबर 2026 |
| शैक्षणिक योग्यताएँ | • पारिस्थितिकी में पीएच.डी., पांडिचेरी विश्वविद्यालय। • वानिकी एवं पर्यावरण विज्ञान में Dottore Magistrale की उपाधि (ऑनर्स), पादुआ विश्वविद्यालय, इटली; वन नीति एवं नैतिकता में विशेषज्ञता। • पर्यावरणीय वानिकी में एम.एससी. (विशिष्ट श्रेणी), वेल्स विश्वविद्यालय, बैंगोर, ब्रिटेन। • समाजशास्त्र में एम.ए., इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU)। • AIGNFA डिप्लोमा (वानिकी में एम.एससी. के समकक्ष), इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून। • वानिकी में बी.एससी., तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय, कोयंबटूर। |
| पूर्व पद एवं महत्वपूर्ण कार्यभार |
- वन प्रशासन, पर्यावरणीय शासन, वन्यजीव संरक्षण तथा संस्थागत क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में विभिन्न महत्वपूर्ण नेतृत्वकारी एवं तकनीकी पदों पर कार्य किया। प्रमुख योगदान निम्नलिखित हैं: • वन प्रशासन एवं नियामक पर्यवेक्षण: पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC), नागपुर में उप महानिदेशक वन (केंद्रीय) तथा क्षेत्रीय प्रमुख के रूप में कार्य किया। इस पद पर सात राज्यों तथा राँची और भुवनेश्वर स्थित क्षेत्रीय कार्यालयों से संबंधित नियामक मामलों का पर्यवेक्षण किया। • वन संरक्षण एवं संस्थागत नेतृत्व:अंडमान एवं निकोबार प्रशासन में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के रूप में कार्य किया। इस दौरान वन (संरक्षण) अधिनियम के अंतर्गत नोडल अधिकारी, प्रतिपूरक वनीकरण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (CAMPA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा अंडमान एवं निकोबार तटीय क्षेत्र प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य सचिव का दायित्व निभाया। • वन्यजीव संरक्षण एवं वन प्रबंधन:मुख्य वन संरक्षक एवं अंडमान एवं निकोबार वन वृक्षारोपण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक; पुडुचेरी सरकार में वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक; तथा अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में प्रभागीय वन अधिकारी के रूप में कार्य किया। इन दायित्वों के अंतर्गत वन प्रबंधन, वन्यजीव संरक्षण तथा वन पुनर्जनन से संबंधित कार्यों का पर्यवेक्षण किया। • पर्यावरणीय शासन एवं जलवायु परिवर्तन:अंडमान एवं निकोबार प्रशासन में निदेशक (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी), अंडमान एवं निकोबार प्रदूषण नियंत्रण समिति के सदस्य सचिव तथा उप वन संरक्षक (वन्यजीव) के रूप में कार्य करते हुए राज्य जलवायु परिवर्तन कार्ययोजना, समुद्री संरक्षित क्षेत्रों के प्रबंधन, पारिस्थितिकी पर्यटन के विकास तथा प्रदूषण नियंत्रण में योगदान दिया। • क्षमता निर्माण एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण: देहरादून स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में अपर प्राध्यापक के रूप में भारतीय वन सेवा के अधिकारियों के प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण संबंधी पहलों का नेतृत्व किया तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ परियोजनाओं का समन्वय किया। इसके अतिरिक्त, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के वन प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक के रूप में व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं संस्थागत विकास में भी योगदान दिया। |
| विशेषज्ञता के क्षेत्र | उष्णकटिबंधीय वन प्रबंधन, तटीय एवं समुद्री संरक्षित क्षेत्रों का प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन का शमन एवं पर्यावरण प्रबंधन, पारिस्थितिकी पर्यटन एवं समुदाय-आधारित आजीविका विकास, मानव-वन्यजीव संघर्ष का न्यूनीकरण, परियोजनाओं का निर्माण एवं क्रियान्वयन, तथा वानिकी के क्षेत्र में क्षमता संवर्धन। | दूरभाष | 0135-2756139 |
| फैक्स | 0135-2759104 | ई-मेल | dgfsi [at] fsi [dot] nic [dot] in |


